सउदी अरब में सुधार तथा राजनैतिक बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच एक न्यायालय ने 17 कार्यकर्ताओं व वकीलों को लंबे कारावास का दंड सुनाया है।प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार कल सउदी न्यायालय ने जिस चीज़ को देशद्रोह व दूसरे अपराधों की संज्ञा दी है उसके लिए उसने तीस वर्षों के कारावास का दंड दिया है। दंड पाने वाले अधिकांश कार्यकर्ताओं व वकीलों को 2007 में जद्दा में उस समय गिरफ़तार किया गया जब वे सउदी अरब में राजनैतिक सुधार पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए थे। सउदी अरब में न्यायालय का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब सुरक्षा बलों ने पूर्वी प्रांत के क़तीफ़ नगर में पिछले दो दिनों के दौरान कम से कम तीन नागरिकों को शहीद कर दिया है। पिछले सप्ताह सउदी सुरक्षा बलों ने क़तीफ़ में दो व्यक्तियों को सउदी अरब में राजनैतिक बंदियों की रिहाई व सुधार की मांग में आयोजित प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप मंब गिरफ़तार किया था। ज्ञात रहे सउदी अरब में पिछले कई सप्ताह के दौरान कई नगरों में शासन विरोधी प्रदर्शनों के दृष्टिगत सउदी शासन ने आम सभाओं पर रोक लगा दी है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने अक्तूबर में सउदी शासन से पूर्वी प्रांत में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, वांछित व्यक्तियों के संबंधियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की मनमानी गिरफ़तारी रोकने की मांग की थी। .........166
22 नवंबर 2011 - 20:30
समाचार कोड: 279847
सउदी अरब में सुधार तथा राजनैतिक बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच एक न्यायालय ने 17 कार्यकर्ताओं व वकीलों को लंबे कारावास का दंड सुनाया है...